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Hindi Speech Independence Day (स्वतंत्रता दिवस पर निबंध )

 

independence day 2017 pic

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Swatantrata Diwas Nibandh
15 अगस्त 1947 का दिन भारत के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा गया है I इस दिन ही हमारा देश अंग्रेजो की दासता से आजाद हुआ I इस पर्व को
सभी धर्मों के लोग ख़ुशी ख़ुशी मनाते हैं I 15 अगस्त के दिन हर साल हमारे देश के प्रधानमंत्री लाल किले पर तिरंगा फहराते हैं I इस आजादी के लिए देश
के बहुत लोगों ने बलिदान दिया I भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु, चंदरशेखर आजाद, सुभाष चन्द्र बोस, लाला लाजपत राय आदि कितने ही क्रांतिकारियों ने
अपने प्राणों की आहुति दी आजादी के लिए I
महात्मा गांधी ने देश की आजादी में महत्वपूर्ण योगदान दिया I आजादी के लिए इन लोगों के अंग्रेजों के बहुत जुल्म सहे I नौजवान आजादी के लिए हँसते
हँसते फांसी पर चढ़ गये I हम इन लोगों के महान बलिदान को कभी नहीं भुला सकते हैं I
देश को आजादी तो मिली पर भारत माता के दो टुकड़े हो गये I भारत से अलग होकर पाकिस्तान नाम का नया देश बना I साम्प्रदायिकता की आग में
लाखों लोग जल गये I आजादी के दीवानों ने अपनी जान की कीमत देकर हम लोगों के लिए आजादी हासिल की I इसलिए लोग 15 अगस्त के दिन को
बहुत हर्षोउलास के साथ मनाते हैं और शहीदों को याद करके उनको नमन करते हैं I आज हम चाहे कितनी भी तरक्की कर लें पर हम कभी भारत और
आजादी के लिए हुए शहीदों का कर्ज कभी नहीं उतार सकते I

 

15 August Desh Bhakati Poem

15 August Desh Bhakati Poem

भारत का स्वतंत्रता दिवस
स्वतंत्रता दिवस का हर देश में अत्यन्त महत्व होता है। यह वही दिन होता है जो हर गुलाम देश अपनी स्वतंत्रता के दिन को पूरे उत्सव के रूप में मनाता ।

 

है। भारतवर्ष प्रत्येक वर्ष 15 अगस्त के दिन को स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाता है। देश का ये ये राष्ट्रीय पर्व होता है, जिसे पूरे राष्ट्र में हर्षोल्लास के साथ
मनाया जाता है
स्वतंत्रता दिवस का हर देश में अत्यन्त महत्व होता है। यह वही दिन होता है जो हर गुलाम देश अपनी स्वतंत्रता के दिन को पूरे उत्सव के रूप में मनाता
है। भारतवर्ष प्रत्येक वर्ष 15 अगस्त के दिन को स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाता है। देश का ये ये राष्ट्रीय पर्व होता है, जिसे पूरे राष्ट्र में हर्षोल्लास के साथ
मनाया जाता है।
भारत ने 15 अगस्त 1947 को अंग्रेजों की दासता से मुक्ति मिली थी। यह मुक्ति उसे 190 वर्षों की गुलामी के बाद मिली थी। स्वतंत्र होने के पश्चात देश के
प्रथम प्रधानमंत्री के रूप में पंडित जवाहरलाल नेहरू और प्रथम राष्टपति के रूप में डा0 राजेन्द्र प्रसाद जी का चयन किया गया था। यह दिन पूरे देश में
हर पर्व से बढ़कर मनाया गया था। इस दिन के बाद प्रतिवर्ष दिल्ली के लालकिला पर प्रधानमंत्री द्वारा झंडोत्तोलन का आयोजन किया जाने लगा। इस दिन
सभी शिक्षण संस्थानों और कार्यालयों में अवकाश का दिन होता है। इन स्थानों पर विधिवत झंडा फहराया जाता है। छात्र-छात्राओं द्वारा आकर्षक एवं
रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किया जाता है। झांकियां निकाली जाती है। मिठाइयां और चाकलेट वितरण किया जाता है।
सभी धर्मों के लोग बिना किसी भेद-भाव के साथ-साथ इस कार्यक्रम में शामिल होते हैं। यह दिन हर देशवासी को स्वतंत्र होने का अहसास दिलाता है। इस
दिन हम उन लाखों स्वतंत्रता सेनानियों को याद करते हैं जिन्होंने किसी न किसी रूप में भारतवर्ष से अंगे्रजों को भगाने में अपना योगदान दिया। हम
उनका कर्ज कभी नहीं चुका सकते,अत: हम उन्हें याद करके अपना कर्तव्य याद करने का प्रयास करते हैं।
आज भारतवर्ष भ्रष्टाचार, जमाखोरी, अपहरण, फिरौती, हत्या, बलात्कार आदि जैसे भयानक रोगों के चंगुल में बुरी तरह से जकड़ता जा रहा है। देश का
शायद ही ऐसा कोर्इ हिस्सा बचा हो जो इन से अछुता हो। अत: आज के युवाओं को समिमलित प्रयास कर तथा क्रांति का बिगुल फुंककर भारत को पुन:
उसका गौरव दिलाने का प्रयास करना चाहिए, अन्यथा दिन-व-दिन भारत गर्त में समाहित होता जाएगा। हमारी नव पीढ़ी के कंधों पर अब देश का भार है।
हमारी चपलता और जागरूकता हमारे देश के विश्व में अग्रणी राष्ट्र के रूप में स्थापित कर सकती है।

 

Updated: July 28, 2017 — 2:30 pm

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